एकल श्रीहरि — संस्कार शिक्षा
‘एकल श्रीहरि’ एकल अभियान के अंतर्गत एक समाजसेवी संगठन है। जिसका मुख्य उद्देश्य एकल अभियान के पंचमुखी शिक्षा में से एक मूल्याधारित संस्कार शिक्षा के द्वारा सुदूर, पर्वतीय, जनजातियों, वनांचलों में बसे वन-बंधुओं के सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक उत्थान के लिए कार्य करना है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रयास करना है।
सर्वप्रथम 1996 में श्रीहरि सत्संग समिति की कलकत्ता में तथा 1998 में मुंबई में स्थापना की गई। वनवासियों को समर्पित ‘एकल अभियान’ को राष्ट्रीय गांधी शांति पुरस्कार (2017) से सम्मानित किया गया है।
अक्टूबर 2025 तक
हमारा उद्देश्य
संस्कार केन्द्र
4 लाख वनवासी जनजातीय गाँवों में संस्कार केन्द्र की स्थापना।
संपर्क
40 करोड़ वनवासी समाज को नगरीय समाज से जोड़ना और ऊर्जावान बनाना एवं महिलाओं तथा युवाओं को योजना में मुख्य रूप से जोड़ना।
जागरूक समाज
वनवासी गाँवों में सांस्कृतिक, धार्मिक कार्यक्रमों का अधिकाधिक आयोजन कर संस्कारित, स्वावलंबी, स्वास्थ्य और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक वनवासी समाज की स्थापना करना।
संस्कार केन्द्र और योजनाएं
हमारे उद्देश्य पूर्ति के लिए “एकल श्रीहरि” द्वारा गाँव में संस्कार केंद्र की स्थापना कर वहाँ के निवासी स्त्री, पुरुषों व बच्चों को एकत्र करके सत्संग के माध्यम से उनमें अपने संस्कृति के प्रति आदर व्यवहार में संस्कार तथा ज्ञान का प्रसार व संगठन जीवन के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

संस्कार केन्द्र

कथाकार योजना

श्रीहरि रथ योजना

व्यास व आचार्य कथाकार योजना

गौ ग्राम योजना

वनयात्रा योजना

हमारी इकाईयां
हम प्रमुखतः इन इकाइयों से मिलकर बने हुए हैं: 1. नगर संगठन 2. ग्राम संगठन। देश भर में 26 अध्याय हैं।
राष्ट्रीय इकाईयां
कोलकाता, मुंबई, दिल्ली और सूरत
राज्य इकाईयां
आगरा, सिलीगुड़ी, हैदराबाद और बेंगलुरु
उप इकाईयां
बर्धवान, रांची, इंदौर, नागपुर, नासिक, वापी, गंगटोक, मालदा, भुवनेश्वर, धनबाद, हुबली, पुणे, रायगंज, जयपुर, वारंगल, भरतपुर
नेपाल राष्ट्र
बिर्तामोड, जनकपुर और बिराटनगर
प्रशिक्षण केन्द्र: अयोध्या · आगरा · नवद्वीप · नासिक · डिब्रूगढ़ · अमरकंटक · पुरी
राष्ट्रीय कार्यालय
30 रामजी हाउस, चौथी मंज़िल, कमरा नं. 407, जम्बुलवाड़ी, कालबादेवी रोड, मुंबई 400002
ईमेल: eshho@ekal.org · फ़ोन: 720 858 1268 · मोबाइल: 732 603 7158




